वरुण विहार योजना
वरुण विहार योजना
राज्य में विकसित की जा रही सबसे बड़ी आवासीय योजना
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) राज्य की सबसे बड़ी आवासीय योजना ‘वरुण विहार योजना’ का विकास कर रहा है।
- दायरा: यह योजना आगरा एक्सप्रेसवे के पास लगभग 6,580 एकड़ के क्षेत्रफल में प्रस्तावित है।
- भूखण्ड: इस योजना में आवासीय, व्यावसायिक, मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज), संस्थागत एवं ग्रुप हाउसिंग भूखण्ड विकसित किए जाएंगे।
भूमि पंजीकरण एवं मुआवजा वितरण
- अर्जित भूमि: इस योजना के लिए लगभग 450 बीघा भूमि का बैनामा (रजिस्ट्री) पूर्ण किया जा चुका है।
- कब्जा: 105 बीघा भूमि का कब्जा प्राप्त किया जा चुका है।.
- मुआवजा वितरण:अब तक किसानों को लगभग ₹300 करोड़ की मुआवजा राशि वितरित की जा चुकी है।
- जारी प्रक्रिया: 22,403 किसानों से भूमि पंजीकरण की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से जारी है।
जिन गांवों की भूमि चिन्हित की गई है:
सदर एवं सरोजिनी नगर तहसील के अंतर्गत निम्नलिखित गांवों की भूमि वरुण विहार योजना हेतु चिन्हित की गई है:
| भलिया | आदमपुर इन्दवारा | बहरू | जलियामऊ |
| मदारपुर | इब्राहिमगंज | नकटौरा | गहलवारा |
| तेजकृष्ण खेड़ा | रेवाड़ी | सकरा | दोना |
योजना की प्रमुख विशेषताएं
- हरित क्षेत्र: लगभग 980 एकड़ क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट, पार्क एवं जल निकाय विकसित किए जाएंगे, जिनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, खेल सुविधाएं, सेंट्रल पार्क एवं सेक्टोरियल पार्क शामिल हैं।
- लॉजिस्टिक्स: लगभग 300 एकड़ क्षेत्र में एक लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किया जाएगा।
सुविधाएं
- सेक्टर एवं भूखण्ड: वरुण विहार योजना में 25 सेक्टर होंगे, जिनमें अंडरग्राउंड सेवाएं (केबल लाइनें) उपलब्ध होंगी एवं 15,000 से अधिक भूखण्ड विकसित किए जाएंगे।
- आवासीय लाभ: यह योजना बड़ी जनसंख्या को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगी, जहां सभी आवश्यक सुविधाएं पैदल दूरी पर होंगी।
- आर्थिक प्रभाव: यह योजना शहर के उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास लाएगी। इससे राजधानी लखनऊ में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा एवं रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।
नैमिष नगर
नैमिष नगर
लखनऊ का विकास मॉडल
सीतापुर रोड पर कुल 3681.6872 एकड़ के क्षेत्रफल में प्रस्तावित नैमिष नगर योजना लखनऊ के उत्तरी भाग को एक नई पहचान प्रदान करते हुए एक विकास मॉडल के रूप में विकसित होगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा इस योजना को मूर्त रूप देने हेतु कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
प्रारंभिक कदम
इस योजना के प्रथम साइट कार्यालय के निर्माण का कार्य बी.के.टी. तहसील के पुरवा गांव में पूर्ण कर लिया गया है।
चिन्हित भूमि
बी.के.टी. तहसील के अंतर्गत 18 गांवों में फैली लगभग 1486.689 हेक्टेयर भूमि नैमिष नगर योजना के लिए चिन्हित की गई है।
अनुमानित लागत
भूमि अधिग्रहण हेतु लगभग ₹4,785 करोड़ की अनुमानित लागत को प्राधिकरण बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।
नैमिष नगर योजना हेतु चिन्हित 18 गांव
| भौली | लक्ष्मीपुर | पूरब गांव | पुरवा |
| सैरपुर | फरूखाबाद | - कोड़री भौली | कमलाबाद |
| कमलापुर | पलहरी | गोपरामऊ | बारूमऊ |
| धतिंगरा | सैदापुर | पश्चिम गांव | धोबैला |
| उमरभारी | दुग्गौर |
सुविधाएं
नैमिष नगर योजना के अंतर्गत लगभग 3 लाख लोगों को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस योजना में निम्नलिखित आधुनिक सुविधाएं सम्मिलित होंगी:
- चौड़ी सड़कें
- ग्रीन बेल्ट एवं पार्क
- विद्यालय एवं अस्पताल
- सामुदायिक केंद्र
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) की व्यवस्था
- व्यावसायिक केंद्र
- सीवेज उपचार संयंत्र
योजना के लाभ
नैमिष नगर योजना के विकास से शहर के उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। इससे लखनऊ में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा एवं रोजगार के अनेक अवसर सृजित होंगे।
ग्राम विकास
मुख्य योजना के साथ-साथ एलडीए द्वारा इससे जुड़े गांवों में भी विकास कार्य कराए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
- संपर्क मार्ग (लिंक रोड)
- जल निकासी व्यवस्था
- खेल के मैदान एवं बारात घर (शादियों के लिए सामुदायिक हॉल)
- स्वास्थ्य केंद्र
- तालाब एवं समाधि स्थल/कब्रिस्तान
- विद्यालय, पार्क एवं श्मशान घाट


