नैमिष नगर
लखनऊ का विकास मॉडल
सीतापुर रोड पर कुल 3681.6872 एकड़ के क्षेत्रफल में प्रस्तावित नैमिष नगर योजना लखनऊ के उत्तरी भाग को एक नई पहचान प्रदान करते हुए एक विकास मॉडल के रूप में विकसित होगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा इस योजना को मूर्त रूप देने हेतु कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
प्रारंभिक कदम
इस योजना के प्रथम साइट कार्यालय के निर्माण का कार्य बी.के.टी. तहसील के पुरवा गांव में पूर्ण कर लिया गया है।
चिन्हित भूमि
बी.के.टी. तहसील के अंतर्गत 18 गांवों में फैली लगभग 1486.689 हेक्टेयर भूमि नैमिष नगर योजना के लिए चिन्हित की गई है।
अनुमानित लागत
भूमि अधिग्रहण हेतु लगभग ₹4,785 करोड़ की अनुमानित लागत को प्राधिकरण बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।
नैमिष नगर योजना हेतु चिन्हित 18 गांव
| भौली | लक्ष्मीपुर | पूरब गांव | पुरवा |
| सैरपुर | फरूखाबाद | - कोड़री भौली | कमलाबाद |
| कमलापुर | पलहरी | गोपरामऊ | बारूमऊ |
| धतिंगरा | सैदापुर | पश्चिम गांव | धोबैला |
| उमरभारी | दुग्गौर |
सुविधाएं
नैमिष नगर योजना के अंतर्गत लगभग 3 लाख लोगों को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस योजना में निम्नलिखित आधुनिक सुविधाएं सम्मिलित होंगी:
- चौड़ी सड़कें
- ग्रीन बेल्ट एवं पार्क
- विद्यालय एवं अस्पताल
- सामुदायिक केंद्र
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) की व्यवस्था
- व्यावसायिक केंद्र
- सीवेज उपचार संयंत्र
योजना के लाभ
नैमिष नगर योजना के विकास से शहर के उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। इससे लखनऊ में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा एवं रोजगार के अनेक अवसर सृजित होंगे।
ग्राम विकास
मुख्य योजना के साथ-साथ एलडीए द्वारा इससे जुड़े गांवों में भी विकास कार्य कराए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
- संपर्क मार्ग (लिंक रोड)
- जल निकासी व्यवस्था
- खेल के मैदान एवं बारात घर (शादियों के लिए सामुदायिक हॉल)
- स्वास्थ्य केंद्र
- तालाब एवं समाधि स्थल/कब्रिस्तान
- विद्यालय, पार्क एवं श्मशान घाट
